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पूर्बी बिहार के मोनोरम जंगल इलाका आज पहरे के घेरे में .


बिहार के माओवादी रीजनल कमांडर का झारखण्ड में समर्पण, बिहार में सीआरपीएफ ने बनाया रणनीति

@news5pm

May 4th, 2017

ब्यूरो रिपोर्ट /

 

सुकमा  में पिछले सप्ताह नक्साली हमलो में  25  सीआरपीएफ जबानो का शहीद होने के बाद लाल आतंकबाद के खिलाफ जहा सरकार एक और रणनीति बनाने मे  जुटी हुई है बहीं बिहार और झारखण्ड  आज में दो महत्यपूर्ण घटनाओ का गबहा बना. बिहार के दो बड़े भाकपा (माओवादी) कमांडर ने गुरुवार को झारखण्ड की राजधानी रांची में समर्पण कर दिया. जबकि बिहार के पटना में सीआरपीएफ के आला अधिकारिओ ने नक्सालियो केखिलाफ एक बडा रणनीति पर बिचार बिमर्ष किया.

समर्पण करने वालों में एक भाकपा (माओवादी) कमांडर नकुल यादव है जिसपर पुलिस ने 25 लाख रूपये का इनाम रखा था और दूसरा माओवादी मदन यादव भी है जिसपर 5 लाख रूपये का इनाम था. समर्पण करने के बाद उन्होंने कहा कि वे नहीं चाहते कि उनके बच्चे जंगल का रास्ता पकड़ें.

समर्पण के बाद रांची में बिहार के न्क्साली .

झारखण्ड के एडीजी आर के मल्लिक के अनुसार नकुल यादव बिहार –झारखण्ड का रीजनल कमांडर था जबकि मदन यादव जोनल एरिया कमांडर था. बिहार के कोई क्षेत्र में भी इसका काफी दबदबा था. पुलिस के अनुसार इन दोनों नक्सल कमांडरों के आत्मसमर्पण के बाद झारखण्ड के लातेहार, गढ़वा, पलामू और गुमका सहित रांची के आस पास नक्सल गतिविधियों में कमी आयेगी साथ ही साथ बिहार के गया, और्रंगाबाद, नाबदा, जमुई सही पूर्वी बिहार के जिलो में भी काफी हद तक नक्सल गतिबिधियो में कमी आने का संकेत है.

सूत्रों के अनुसार पुलिस ने इनके बयानों के आधार पर भारी मात्र में हथियार बरामद किये हैं. इसके तहत 13  हथियर समेत 3000 गोलिया मिली . बही बरामद प्रमुख हथियारों में 7.62 mm एलएमजी  राइफल एक, एस एल आर राइफल एक , इनसास राइफल एक, 303  बोर की राइफल दो, 315  बोर की राइफल  4 शामिल है.

न्क्साली से बरामद हथियारों

 

एक दुसरे महतोपूर्ण घटनाक्रम में राजधानी पटना में आज सीआरपीएफ के बढे अधिकारियो एक बैठक हुई. सीआरपीएफ के महानिर्देशक, बिहार प्रप्क्षेत्र, मानवेन्द्र सिंह भाटिया बैठक को सोम्बोधित करते हुए सीआरपीएफ और कोबरा बटालियन के जबानो को “हाई डिग्री ऑफ़ अलर्ट” में रहेने का निर्देश दिया. उन्होंने नक्सालियो के खिलाफ किसी भी बढे ऑपरेशन में जाने के पहले सरे निर्धारित नियमो को पालन करने का निर्देह भी दिया है.

केंद्रीय गृह बिभाग के अनुसार बिहार के 38  जिलो में से  22 ‘लेफ्ट विंग एक्स्त्रेमिस्त’ के चेपट में है और पुरे देश में नक्शाली हिंसा में तीसरा पायदान पर है. बिहार समय समय पर नक्शाली हिंसा झेलते आ रहा है. भाटिया जबानो को जंगल का रणनीति के अलाबे कुछ कुछ खास टिप्स भी दिया जिससे बे इन लाल आतंकबाद का डट कर सामना कर सके.

 


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